खास-खास मौकों पर कहे जाने वाले 15 masnoon dua hindi mein

खास-खास मौकों पर कहे जाने वाले 15 masnoon dua hindi mein

  खास मौकों पर कहे जाने वाले मसनून कलिमात या दुआएं

15 masnoon dua hindi mein

इस आर्टिकल में मैं आपको कुछ खास-खास मौकों पर कहे जाने वाले मसनून दुआएं या कलिमात (Masnoon Dua/ Kalimat) की मालूमात देने वाला हूं । उम्मीद है कि ये मालूमात आपको पसन्द आएगी ।

➡ किसी मुसलमान से मिलने पर सलाम करना :

अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहू !

तर्जुमा : तुम पर सलामती हो , और अल्लाह की रहमत और बरकत हो ।


➡ कोई मुसलमान सलाम करे तो ये जवाब दें :

व'अलैकुम अस्सलाम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहू !

तर्जुमा : तुम पर भी सलामती हो , और अल्लाह की रहमत और उसकी बरकतें हों ।


➡ उंची जगह पर चढ़ते वक्त :

अल्लाहु अकबर !

तर्जुमा : अल्लाह सबसे बड़ा है । [बेशक]


➡ नीचे उतरते वक्त :

सुब्हान'अल्लाह !

तर्जुमा : अल्लाह की ज़ात पाक है । [बेशक]


➡ हर अच्छे काम को शुरू करते वक्त :

बिस्मिल्लाह !

तर्जुमा : शुरू करता हूं अल्लाह के नाम से ।


➡ कोई खैरियत पूछे / कोई ने'मत हासिल होने पर : 

अल्हम्दुलिल्लाह !

तर्जुमा : तमाम तारीफें अल्लाह ही के लिए हैं ।


➡ कोई चीज़ अच्छी लगे तो :

माशा'अल्लाह !

तर्जुमा : जो अल्लाह चाहे !


➡ किसी बात पर तअज्जुब हो तो :

अल्लाहु अकबर , सुब्हान'अल्लाह !

तर्जुमा : अल्लाह सबसे बड़ा है , अल्लाह की ज़ात पाक है । [बेशक]


➡ किसी काम के करने का इरादा ज़ाहिर करें तो :

इंशा'अल्लाह !

तर्जुमा : अगर अल्लाह ने चाहा ।


➡ छींक आने पर :

अल्हम्दुलिल्लाह !

तर्जुमा : तमाम तारीफें अल्लाह के लिए हैं ।


➡ छींकने वाले को ये जवाब दें :

यरह मुकल्लाह !

तर्जुमा : अल्लाह तुम पर रहम करे ।


➡ छींकने वाला फिर ये दुआ दे :

यहदीकुमुल्लाह व युशलिह ब-लकुम  !

तर्जुमा : अल्लाह तुम्हें हिदायत दे और तुम्हारे हाल की इस्लाह करे ।


➡ किसी के मरने के खबर पर/ कोई तकलीफ होने पर/ किसी चीज के गुम हो जाने पर :

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन !

तर्जुमा : बेशक ! हम अल्लाह के लिए हैं, और हमें उसी की तरफ लोट कर जाना है ।


➡ कोई कुछ दे/ कोई अच्छा सुलूक करे तो :

जज़ाक'अल्लाहु ख़ैर !

तर्जुमा : अल्लाह आपको बेहतर बदला अता करे ।


➡ जब गुस्सा आए :

अऊज़ु बिल्लाहि मिनश् शयतानिर्रज़ीम !

तर्जुमा : मैं अल्लाह की पनाह चाहता हूं शैतान मरदूद से ।


Conclusion 

दोस्तों, इस आर्टिकल में मैंने आपको कुछ खास मसनून दुआ और कलिमात (Masnoon Dua/ Kalimat) के बारे में बताया है । उम्मीद है कि ये मालूमात आपको पसन्द आई होगी । इसे सदका-ए-ज़ारिया की नियत से अपने दूसरे दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें ।

Muhammad Saif is the author and Editor of Aazad Hindi News Website.

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