तुर्की ने इजरायल का समर्थन करने वाली कंपनियों के उत्पादों पर लगाया बैन, जानिए क्या है मामला

Latest Hindi News: इजरायल-हमास संघर्ष के बीच मंगलवार को तुर्किये की संसद ने अपने रेस्टोरेंट से कोका-कोला और नेस्ले के उत्पादों को हटा दिया है।
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रायटर्स, अंकारा: तुर्की ने इजरायल-हमास संघर्ष के बीच अपने संसद में एक अहम निर्णय लिया है। इसके अनुसार, इजरायल का समर्थन करने वाली कंपनियों के उत्पादों को संसद परिसर में नहीं बेचा जाएगा। इस निर्णय के पीछे जन आक्रोश और इजरायल-हमास संघर्ष के विवाद से जुड़े कई मामले हैं। इस समय इजरायल-हमास संघर्ष के दौरान गाजा में लाखों लोगों की जिंदगी में बड़ी चुनौतियां आई हुई हैं।


इजरायल-हमास संघर्ष के दौरान तुर्की का फैसला:

तुर्की की संसद ने मंगलवार को अपने रेस्टोरेंट से कोका-कोला और नेस्ले के उत्पादों को हटा दिया। इसमें इजरायल का समर्थन करने का आरोप लगाया गया है। संसद ने उपभोक्ताओं की भावनाओं को मद्देनजर रखते हुए इस निर्णय का प्रयोग किया है। तुर्की के स्पीकर नुमान कर्टुलमस ने यह निर्णय लिया है।


टिप्पणियों की अनदेखी:

कंपनियों ने इस मामले में अभी तक कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की है। तुर्की की ग्रैंड नेशनल असेंबली ने बिना कंपनी का नाम लिए इस निर्णय को जारी किया है।


उठते सवाल:

जन आक्रोश के कारण इस निर्णय की घटना हुई है। जानिए इसमें लोगों की भावनाओं और विचारों का क्या है असर। क्या यह नया विवाद तुर्की और इजरायल के बीच नए तनाव का कारण बनेगा?


गाजा में संघर्ष की भूमिका:

इजरायल-हमास संघर्ष के दौरान गाजा में हटाहट की स्थिति बनी हुई है। इसके दौरान इजरायली सेना की कार्रवाई में लाखों लोगों को घर छोड़ना पड़ा है। गाजा में इजरायली हमलों के कारण लाखों लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है, और बहुत से लोगों को अपने घरों से बाहर निकलना पड़ा है। इसके साथ ही अनगिनत परिवार बेघर हो गए हैं और सामाजिक संरचना में बड़ी दिक्कतें आ रही हैं।


तुर्की का प्रभाव:

तुर्की का यह निर्णय इस संघर्ष के बीच में अभी एक बड़ी घटना है। इससे स्पष्ट होता है कि इस संघर्ष में संघर्षरत पक्षों के समर्थन में आगे कदम उठाने वाले देशों में तुर्की भी शामिल है। यह निर्णय विश्व समुदाय में भी विवादों की उत्पत्ति का कारण बन सकता है।


निष्कर्ष:

तुर्की के इस निर्णय ने इजरायल-हमास संघर्ष के विवाद में नए तरंग भर दिए हैं। इससे खुलकर सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक मामलों पर भी असर पड़ सकता है। इससे उभरे सवालों का समाधान निकालने के लिए आवश्यक है कि इस मुद्दे को समझा और समाधान ढूंढा जाए।


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Muhammad Saif is the author and Editor of Aazad Hindi News Website.

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