गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर थाने के बाहर जमा हुए लोग
कौन हैं मौलाना मुफ्ती सलमान अजहरी?
मौलाना मुफ्ती के ट्विटर हैंडल पर दी गई जानकारी के अनुसार वह इस्लामी रिसर्च स्कॉलर हैं। वह जामिया रियाजुल जन्नाह, अल-अमान एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट और दारुल अमान के संस्थापक भी हैं। बताया जाता है कि उन्होंने काहिरा की अल अजहर यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। मौलाना मुफ्ती को कई सामाजिक-धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय देखा गया है। उनकी फैन फॉलोइंग काफी बड़ी है।
क्या बोले थे मौलाना जो शुरू हुआ विवाद
रिपोर्ट्स के अनुसार जूनागढ़ में मौलाना मुफ्ती सलमान अजहरी ने कहा था कि अभी कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है। कुछ देर की खामोशी है, फिर शोर आएगा। कथित वीडियो में उन्हें इस्लाम के पैगंबर की बातें मानने पर जोर देते हुए लब्बैक या रसूलल्लाह का नारा लगाते हैं जिसे भीड़ भी दोहराती सुनाई देती है।
मौलाना को ले जाने नहीं दे रहे समर्थक
जानकारी के अनुसार मौलाना मुफ्ती के समर्थकों ने उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद से ही घाटकोपर पुलिस थाने को घेरकर रखा है। मुंबई पुलिस उन्हें हटाने की कई कोशिशें कर चुकी है लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिल पाई है। वहीं, गुजरात एटीएस ने स्पष्ट कह दिया है कि वह मुफ्ती को गिरफ्तार करके ही ले जाएगी। इसी भीड़ के दम पर ये ऐसे बयान देते हैं।
भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुफ्ती सलमान अजहरी और स्थानीय आयोजकों मोहम्मद यूसुफ मलिक और अजीम हबीब ओडेदरा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153बी और 505 (2) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इस मामले में बीती रात को मुफ्ती सलमान अजहरी को गिरफ्तार कर लिया गया|
संपादकीय विचार
मुफ्ती सलमान अजहरी के भाषण में ऐसा कुछ भी नहीं था जिसे भड़काऊ कहा जा सकता है मगर देश के मुसलमान से नफरत रखने वाली सरकार ने मुसलमान को दबाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए हैं| एक तरफ यदि नरसिंहानंद जैसे नफरतें कीड़े पैगंबर मोहम्मद साहब को गालियां देते हैं तब भी उन पर कुछ कार्रवाई नहीं होती है, वहीं दूसरी तरफ मुसलमान को अपने धर्म पर चलने की नसीहत देने वाले लोगों को भड़काऊ भाषण देने का झूठा आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया जाता है|