सहाबा और एक गाने वाले का इबरतनाक वाकिया हिन्दी में - Islamic Waqia

Islamic Waqia of Sahaba in Hindi Mein | Inspirational Islamic Story of a Singer in Hindi, Urdu

 

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प्यारे दोस्तों आज हम आपको एक छोटा सा वाकिया बताने वाले हैं । अगर इस वाकिये को आप दिल की गहराईयों से समझेंगे तो ही आपको इसका असल मतलब समझ आएगा , जो मैं आपको इस वाकिये के ज़रिये समझाने की कोशिश कर रहा हूं । अगर पोस्ट पसन्द आए तो शेयर जरूर करें ।


अय्याशी छोड़ इस्लाम की ओर

एक बार की बात की है । हजरत अब्दुल्लाह इब्ने मसूद (रजि.) शहर कुफा के पास से गुज़र रहे थे । एक जगह उन्होंने कुछ लोगों को देखा जो बैठ कर जश्न मना रहे थे । वो लोग शराब भी पी रहे थे । उन्हीं की भीड़ में एक गाने वाला था । जो गाना गाकर उन लोगों का मन बहला रहा था । उसका नाम जज़ान था । उसकी आवाज भी बेहद खूबसूरत थी ।


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जब हजरत अब्दुल्लाह इब्न मसऊद (रजि.) वहाँ से गुजरे और उन्होंने जब जज़ान की खूबसूरत आवाज सुनी तो बेसाख्ता उनकी जुबान से ये लफ्ज़ निकल पड़े - “माशा अल्लाह ! कितनी खूबसूरत आवाज है ? अगर इस आवाज से कुरान की तिलावत होती तो कितना अच्छा लगता ?


ये कहकर हजरत अब्दुल्लाह इब्ने मसूद (रजि.) अपने सर पर कपड़ा रख कर वहाँ से चल पड़े । जब जज़ान ने हजरत अब्दुल्लाह इब्ने मसूद (रजि.) को जाते देखा तो उसने वहाँ बैठे लोगों से पूछा - “वो जाने वाला आदमी कौन था और वह क्या कह रहा था ?” किसी ने जवाब दिया कि वो अब्दुल्लाह इब्ने मसूद है । और वो हजरत मुहम्मद मुस्तफा (स.अ.व) के साथियों में से एक है । वो ये कह रहा था कि - “आपकी आवाज बहुत खूबसूरत है ! अगर इस आवाज से कुरान की तिलावत होती तो कितना अच्छा होता ?”


हजरत अब्दुल्लाह इब्ने मसूद (रजि.) के ये लफ्ज़ जज़ान के दिल में घुस गए । वो बेहद हैरान हुआ । उसके बाद तुरंत उसने गाने-बजाने का सामान फेंक दिया और हजरत अब्दुल्लाह इब्ने मसूद (रजि.) के पीछे भागा । हजरत अब्दुल्लाह इब्ने मसूद (रजि.) ने उसे बताया कि हमें सिर्फ उस अल्लाह की इबादत करनी चाहिए जो मेरा और तुम्हारा और तमाम जमीन व आसमान का खालिक और मालिक है ।


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फिर जज़ान भी हजरत अब्दुल्लाह इब्ने मसूद (रजि.) का साथी बन गया । ताकि उनसे इस्लाम और कुरान की और तालीम ली जा सके । और दोस्तों आगे चल कर वो अपने दौर का एक बहुत बड़ा आलिम और दीनदार बना ।


दोस्तों , मुझे उम्मीद है कि आपको ये पोस्ट जरूर पसन्द आया होगा । इसे सदका-ए-ज़ारिया की नियत से अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें क्योंकि अच्छी बात को फैलाना भी सदका है । मैं आपसे फिर मिलूंगा अगली पोस्ट में तबतक के लिए अपना और अपनों का ख्याल रखें …… अल्लाह हाफिज़ ! साथ ही साथ इसी तरह की पोस्ट की नोटिफिकेशन पाने के लिए में सोशल मीडिया पर फॉलो करना न भूलें ।



Muhammad Saif is the author and Editor of Aazad Hindi News Website.

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